शनिवार 24 अक्टूबर 2026 - 00:29
इस्लाम में दाढ़ी रखना ईश्वरीय आज्ञापालन और अहले बैत (अ) की शिक्षाओं पर अमल का हिस्सा है: मौलाना सय्यद ज़िया अब्बास नक़वी

गुजरात के वडोदरा स्थित हुसैनी इमामबाड़े के इमामे जुमा मौलाना सैयद ज़िया अब्बास नक़वी ने जुमे के ख़ुत्बे में युवाओं सहित सभी मोमिनों को इस्लामी आदेशों का पालन करने और अहले बैत (अ) की शिक्षाओं पर अमल करने की ताकीद की।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात के वडोदरा स्थित हुसैनी इमामबाड़े के इमामे जुमा मौलाना सय्यद ज़िया अब्बास नक़वी ने जुमे के ख़ुत्बे में धार्मिक आदेशों का पालन करने, इस्लामी शिक्षाओं पर अमल करने तथा युवा पीढ़ी की धार्मिक और नैतिक तरबीयत पर ज़ोर दिया। उन्होंने पुरुषों के लिए दाढ़ी रखने के शरई महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा कि फ़िक़्हे जाफ़रिया के अनुसार, दाढ़ी को पूरी तरह मुंडवाना जायज़ नहीं है और एहतियाते वाजिब के अनुसार, इससे बचना आवश्यक है।

मौलाना सय्यद ज़िया अब्बास नक़वी ने अपने ख़ुत्बे में दाढ़ी रखने को इस्लामी आदेशों का पालन करने और अहले बैत (अ) की शिक्षाओं पर अमल करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने युवाओं सहित सभी मोमिनों को नसीहत की कि वे अपनी बाहरी वेशभूषा और रोज़मर्रा की ज़िंदगी में इस्लामी शिक्षाओं का ध्यान रखें तथा शरई आदेशों का पालन अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएँ।

दाढ़ी के शरई हुक्म की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि दाढ़ी इतनी होनी चाहिए कि आम तौर पर उसे दाढ़ी कहा जा सके। इसे असाधारण रूप से लंबा रखना ज़रूरी नहीं है, बल्कि उचित कटाई-छँटाई के ज़रिए इसे साफ़-सुथरा और व्यवस्थित रखा जा सकता है। इसी तरह मूँछों की सफ़ाई और उनकी उचित कटाई-छँटाई का भी ध्यान रखना चाहिए।

मौलाना सय्यद ज़िया अब्बास नक़वी ने आगे कहा कि दाढ़ी रखने का उद्देश्य केवल बाहरी रूप अपनाना या दूसरों पर अपनी श्रेष्ठता जताना नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका मक़सद अल्लाह तआला की आज्ञा का पालन करना और उसकी प्रसन्नता प्राप्त करना होना चाहिए। धार्मिक आदेशों पर अमल करने के साथ-साथ नीयत की पवित्रता, विनम्रता और अच्छे आचरण को भी महत्व देना चाहिए।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस्लामी शिक्षाओं पर अमल केवल इंसान की बाहरी वेशभूषा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसके चरित्र, बातचीत और रोज़मर्रा के व्यवहार में भी धार्मिकता दिखाई देनी चाहिए। वास्तविक धार्मिक जीवन वही है, जिसमें इंसान अल्लाह तआला के आदेशों का पालन करने के साथ अच्छे आचरण और ज़िम्मेदाराना व्यवहार को भी अपनाए।

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha